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Showing posts from July, 2020

#ज़िंदगी#

ज़िंदगी कत्ल तू करती है , और सूली मेरे अरमानों को मिलती हैं । चले भी तो कैसे तेरी राहों पर , यहाँ हर पल समझौतों की मौत मिलती हैं।  कर जाए जो हौंसला कभी इससे लड़ने का , उसकी सजा भी खूब ही मिलती है।  ख़ुदा का दिया तौहफ़ा कहते हैं तुझे , फिर क्यों तू महंगे दाम ही मिलती है।  सूनते है मिली है तू जीने के लिए, फिर क्यों तू मरने के बाद ही मिलती है।  जब भी खुशीयाँ खरीदने निकले है ज़िन्दगी से,  ये खुद मज़बूरियों के बाज़ार बिकती मिलती है। 💐 कल्पना 💐😍

myself ❤💕

Meditation is a Personal Relationship and a Conversation with HIM .

क्यों डरे जिंदगी में..

क्‍यों डरें ज़िन्‍दगी में क्‍या होगा कुछ ना होगा तो तज़ुर्बा होगा हँसती आँखों में झाँक कर देखो कोई आँसू कहीं छुपा होगा...💐❤

#भागी हुई लकडियां#

#बंद समाजों, कुंठित घरों और  मर्दो के आदेश पर चलने वाले परिवार की लड़कियां हमेशा लड़के के लिए ही नहीं भागती, ना शादी के लिए भागती है। वे जिंदगी में बस थोड़ा सा आजाद होने के लिए भाग रही होती हैं। वे बस अपने भाई जितना आजाद होने के लिए भागती है। वे बस थोड़े से सपने देख सकने, थोड़ा सा इंसान हो सकने के लिए भागती है। जैसे एक कविता #भागी हुई लड़कियां# में लिखा था कि जब भी भागती है कोई लड़की, तो जरुरी नहीं कि साथ में कोई लड़का भी भागा होगा।सच तो यह है कि हर बार प्रेम के लिए नहीं भागती लड़कियां। वे सिर्फ जिंदा रह सकने के लिए भी भागती है। यह भागना अनेक बार दुर्भाग्य  भी लेकर आता है, लेकिन जिस घर से भागी थी वो, वहां भी कौन सा सौभाग्य आया था उनके हिस्से? जैसे पैदा हुई, जैसे पाली गई, दुर्भाग्य  कहीं उनका पीछा नहीं छोड़ेगा। बाप के लिए वे इंसान नहीं, बळिक घर की इज्जत होंगी। जिससे प्रेम करेंगी, उनके लिए प्यार नहीं, भोगने वाली देह होगी। जिस घर में ब्याही जाएगी, सेवा करने वाली दासी होंगी। लड़कियों का दुर्भाग्य,  उनके भागने ने नहीं, उनके घर ने, इस समाज ने, इसके मूल्यों,संस्कारो और परवर...

❤*मोहब्बत अपने आप में मुकम्मल होती हैं*❤

#आपसी रिश्ते कोई उपलब्धि जैसी चीज नही, जिसे आप बताते फिरे। यह सिर्फ जि़दगी का एक जरूरी हिस्सा होता है। यह साफ और सुंदर होता है। जब जरूरी हो तो इसका जशन भी मनाना चाहिए। अभी इसे दुनिया से दूर एक कोने में रख देना चाहिए। जहाँ वह अपनी गरमाहट में सुरक्षित बना रह सकें। यह रिश्ता मेरी जिंदगी में पालतू बिलली की तरह है, जिसे मैं बचाना चाहती हूँ। 🌹❤😍 "कल्पना"
मेरा ज़िक्र भी करते हैं और नाम भी नही लेते ! 😍 बड़े सलीक़ावार हैं वो; मुझे बदनाम नही करते !!  "कल्पना "

#नसीब कभी कभी साथ दे जाती हैं।

जो नसीब में नहीं भी होगा वह भी आएगा😍